Dhaakad Review : कंगना रनौत को आप पंसद करें या नापसंद करें, लेकिन एक बात को माननी पड़ी कि एक्ट्रेस कमाल की है और ये बात एक फिर से साबित हो गई है.

'धाकड़' कंगना की धाकड़ फिल्म है, लेकिन क्या आपको ये फिल्म देखनी चाहिए. क्या है फिल्म की अच्छी और खराब बातें. आपको इस रिव्यू में बताते हैं.

फिल्म की कहानी ट्रेलर से ही साफ हो गई थी कि कंगना एजेंट अग्नि नाम के किरदार में हैं और वो एक मिशन को पूरा करेंगी और मिशन और होगा अर्जुन रामपाल और दिव्या दत्ता के काले साम्राज्य को खत्म करना.कहानी यही है कि किस तरह से एजेंट अग्नि इस मिशन को अंजाम देती है और इस दौरान क्या क्या खुलासे होते हैं.

कंगना फिल्म में कई लुक चेंज करती हैं और हर लुक में कमाल लगती हैं.कंगना ने एक्शन सीन्स पर खूब मेहनत की है और ये दिखता है कंगना वाकई में धाकड़ लगती हैं.

अर्जुन रामपाल की एक्टिंग बहुत जबरदस्त है.एक ऐसा विलेन जिससे आपको नफरत होने लगती है. अर्जुन भी कई लुक बदलते हैं हर बार और खौफनाक लगते हैं.

दिव्या दत्ता नेगेटिव रोल में खूब जमी हैं.

फिल्म में जबरदस्त एक्शन है.हॉलीवुड स्टाइल का एक्शन दिखाने की कोशिश की गई है और काफी हद तक ये कोशिश कामयाब होती है.

.रजनीश रेजी घई ने अच्छा डायरेक्शन किया है. उन्होंने हॉलीवुड जैसी फिल्म बनाने की पूरी कोशिश की है.कंगना के स्टाइल से लेकर एक्शन सीक्वेंस तक शानदार तरीके से शूट किए गए हैं..लेकिन डायरेक्टर साहब को स्क्रीनप्ले पर थोड़ी और मेहनत करनी थी.

अगर कंगना के फैन हैं तो जरूर देखिए.कंगना आपका दिल जीत लेंगी.जब वो सबको पीटती हैं तो देखकर अच्छा लगता है. अगर कंगना के हेटर हैं तो भी देख सकते हैं क्योंकि कंगना इसमें पिटती भी हैं.